इजराइल-कोरिया ही नहीं, इन 5 देशों के नागरिकों को मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य

इजराइल-कोरिया ही नहीं, इन 5 देशों के नागरिकों को मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य

इजराइल-कोरिया ही नहीं, इन 5 देशों के नागरिकों को मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य

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आर्मी का हिस्सा बनाना आसान नहीं होता. कड़ी शारीरिक मेहनत के बाद इसमें एंट्री मिलती है, लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां की सेना में हिस्सा बनना वहां के नागरिकों के लिए अनिवार्य है. यानी वहां के नागरिकों के लिए देश की सेवा करना जरूरी है. उन देशों के पास अपने नागरिकों को एक निश्चित समय के लिए सेना में सेवा के लिए बाध्य करने का अधिकार है. जानिए, कौन से हैं वो देश और कितने समय तक सेना में सेवा देना अनिवार्य

आमतौर पर माना जाता है कि ऐसा करने के मामले में दक्षिण कोरिया सबसे आगे है, लेकिन ऐसा नहीं है. कई ऐसे देश हैं जहां चलन है और इस परंपरा को अनिवार्यतौर पर लागू किया गया है.

दक्षिण कोरिया में मिलिट्री ब्रांच के मुताबिक यहां के युवाओं को 18 से 21 महीने के लिए सेना का हिस्सा बनना अनिवार्य है. इसके लिए समयावधि अलग-अलग है. जैसे- थल सेना के लिए 18 महीने, नौसेना में 20 महीने और वायु सेना में सेवा देते हैं तो 21 महीने तक इसका हिस्सा बनना होगा. उत्तर कोरिया से खतरे के कारण, दक्षिण कोरिया की सेना दुनियाभर में कड़ाई से नियमों का पालन करती है और हर समय अलर्ट रहती है.

उत्तर कोरिया की सैन्य सेवा को दुनियाभर में सबसे लम्बी अवधि वाली सैन्य सेवा कहा जाता है. यहां पुरषों के लिए मूल रूप से 10 साल की सैन्य सेवा अनिवार्य है. वहीं, महिलाओं के लिए कम है. यहां के नागरिकों को डिफेंस ट्रेनिंग लेना जरूरी होता है. यह देश राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए ऐसा करता है. हालांकि, दक्षिण कोरिया की तरह, उत्तर कोरिया में भी स्वैच्छिक सैन्य सेवा में भारी कमी आई है.

इजराइल में भी पुरुष हो या महिला, दोनों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है. यहां पुरुषों को लगभग 30-32 महीने की सैन्य सेवा पूरी करनी होती है , जबकि महिलाओं को 24 महीने की. इजराइल में हर नागरिक से उम्मीद की जाती है कि वह नागरिक के रूप में अपने दायित्व को पूरा करने के लिए सैन्य सेवा पूरी करे. सैन्य सेवा के नियम का मकसद राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और नागरिकों में उपलब्धि की भावना पैदा करना है.

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