राष्ट्र निर्माण में पब्लिक रिलेशन की क्या है जिम्मेदारी… देहरादून राष्ट्रीय सम्मेलन में आज से 3 दिनों तक मंथन

राष्ट्र निर्माण में पब्लिक रिलेशन की क्या है जिम्मेदारी… देहरादून राष्ट्रीय सम्मेलन में आज से 3 दिनों तक मंथन

राष्ट्र निर्माण में पब्लिक रिलेशन की क्या है जिम्मेदारी… देहरादून राष्ट्रीय सम्मेलन में आज से 3 दिनों तक मंथन

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देहरादून के होटल एमरॉल्ड ग्रैंड में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस-2025 में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे. उन्होंने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया. फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल संचालकों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया. आज से शुरू आयोजन में उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया व जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, GST, AI, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे.

इस दौरान रूस से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देगी. 15 दिसंबर को सम्मेलन का समापन होगा. मुख्यमंत्री धामी ने देशभर से आए जनसंपर्क विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं युवा प्रतिभाओं का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पीआर विजन फॉर 2047 विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है.

सीएम धामी ने कहा कि आज के समय में पब्लिक रिलेशन केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अंग बन चुका है. वर्तमान डिजिटल युग में, जहां एक ओर सूचना की भरमार है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है. ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच आदेश का नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके.

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक रिलेशन संकट के समय एक सक्षम कमांड सेंटर की भूमिका निभाने के साथ-साथ, देश के लिए सकारात्मक नैरेटिव गढ़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से निकला यह विजन विकसित भारत2047 के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा.

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