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म्यांमार की सेना के हवाई हमले में एक प्रमुख विद्रोही सशस्त्र बल के नियंत्रण वाले क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल तबाह हो गया. इस हमले में 34 मरीज और चिकित्सा कर्मचारी मारे गए. पश्चिमी राज्य रखाइन के जातीय अराकान आर्मी के नियंत्रण वाले क्षेत्र म्राउक-यू टाउनशिप में हुए एक जनरल अस्पताल पर हमले में लगभग 80 अन्य लोग घायल भी हो गए.
हालांकि सत्ताधारी सेना ने इलाके में किसी भी हमले की कोई खबर नहीं दी है. रखाइन में बचाव सेवाओं के एक वरिष्ठ अधिकारी वाई हुन आंग ने बताया कि एक जेट लड़ाकू विमान ने रात में दो बम गिराए, जिनमें से एक अस्पताल के रिकवरी वार्ड में गिरा और दूसरा अस्पताल की मुख्य इमारत के पास गिरा.
उन्होंने बताया कि वे सहायता प्रदान करने के लिए गुरुवार को अस्पताल पहुंचे और 17 महिलाओं और 17 पुरुषों की मौत दर्ज की. उन्होंने कहा कि बमों से अस्पताल की अधिकांश इमारत नष्ट हो गई और अस्पताल के पास खड़ी टैक्सियों और मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचा.
अराकान आर्मी, म्यांमार सरकार से आजादी की मांग करने वाले रखाइन जातीय अल्पसंख्यक आंदोलन की एक ट्रेंड आर्मी है. इसने नवंबर, 2023 में रखाइन में अपना हमला शुरू किया और रणनीतिक तौर पर अहम क्षेत्रीय सेना मुख्यालय और रखाइन के 17 में से 14 कस्बों पर कब्जा जमा लिया. रखाइन को पहले अराकान के नाम से जाना जाता था.
साल 2017 में यह म्यांमार की सेना के एक क्रूर आतंकवाद-विरोधी अभियान का स्थल था, जिसकी वजह से करीब 7 लाख 40 हजार अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम बॉर्डर पार बांग्लादेश में शरण लेने के लिए मजबूर हो गए थे. बौद्ध रखाइन और रोहिंग्या के बीच अभी भी जातीय तनाव बना हुआ है.