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मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के सबसे चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई. इंदौर की जिला कोर्ट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी और मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की दो महिला मित्र दिशा बैरागी और प्रियांशी जैन को बयान के लिए शिलॉन्ग कोर्ट ने तलब किया था. शिलॉन्ग कोर्ट ने दोनों युवतियों को नोटिस जारी कर उपस्थिति अनिवार्य की गई थी. निर्धारित समय पर दोनों युवतियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलॉन्ग कोर्ट से जुड़ीं.
इस दौरान कोर्ट ने सबसे पहले दिशा बैरागी का बयान दर्ज किया. दिशा ने अपने बयान में मामले से जुड़ी कई जानकारियां अदालत को दीं. जिनमें सोनम के निजी और पारिवारिक संबंधों से जुड़ी अहम बातें शामिल थीं. दिशा के बयान के बाद कोर्ट क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन करना चाहती थी लेकिन अदालत का समय समाप्त होने के कारण दिशा का क्रॉस नहीं हो सका. इसी तरह दूसरी महिला मित्र प्रियांशी जैन भी वीसी के माध्यम से उपस्थित हुईं. हालांकि कोर्ट का निर्धारित समय पूरा हो जाने के कारण उनका मुख्य बयान भी दर्ज नहीं हो पाया.
इंदौर जिला कोर्ट के लोक अभियोजक अधिकारी अभिजीत ठाकुर ने कहा कि अदालत ने दोनों युवतियों को आवश्यक होने पर आगामी तारीखों में फिर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ने के संकेत दिए हैं. गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी समेत कई आरोपी पहले ही शिलॉन्ग कोर्ट में पेश हो चुके हैं. सोनम पर पति की हत्या की साजिश और प्रत्यक्ष भूमिका निभाने का आरोप है.
शिलॉन्ग कोर्ट पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए क्रमबद्ध तरह से सभी गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है. अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दिशा बैरागी का क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन और प्रियांशी जैन का मुख्य बयान दर्ज किया जाएगा. जो इस बहुचर्चित केस की जांच को और दिशा देगा.